AchievementsStop

  • प्रदेश में विभिन्न श्रम अधिनियमों के अन्तर्गत 6272 निरीक्षण किये गये ।
  • पाये गये उल्लंघनों में 1395 उपशमन एवं अभियोजन दायर किये गये ।
  • प्रदेश में निस्तारित दावों/औद्योगिक विवादों (सी.पी. /सी.बी. ) एवं प्रतिपालित एवार्ड की संख्या 249 है ।
  • प्रदेश में वेतन सदांय अधिनियम 1936,  न्यूनतम वेतन अधिनियम व ग्रेच्युटी अधिनियम के अन्तर्गत लाभान्वित किये गये श्रमिकों/मृतक श्रमिकों के आश्रितों की संख्या 104 है जिन्हें रू0 1,19,96,011 की धनराशि भुगतान करायी गई।
  • प्रदेश में बोनस भुगतान अधिनियम के अन्तर्गत 2959 श्रमिकों को लाभान्वित किया गया तथा उन्हें रू0 2,87,77,337 की धनराशि बोनस के रूप में भुगतान कराई गई ।
  • प्रदेश में ट्रेड यूनियन अधिनियम के अन्तर्गत 13 यूनियनों का पंजीकरण तथा 52 वार्षिक कार्यकारिणी के चुनाव दर्ज कराये गये ।
  • प्रदेश में भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अन्तर्गत 52,145 श्रमिको का पंजीकरण किया जा चुका है 
  • कर्मकार कल्याण बोर्ड की बैठकें नियमित रूप से की जा रही हैं।
  • प्रदेश में सभी जनपदो एवं  परगनों के बंधुवा श्रमिक सतर्कता समितियों का पुर्नगठन किया गया है
  • प्रदेश में कुल 3417 कारखाने पंजीकृत हैं, जिनमें लगभग 4.1 लाख श्रमिक नियोजित है।
  • प्रदेश में भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्यान उपकर अधिनियम 1996 के अन्तर्गत  (सेस) के रूप में कुल रू0 1,01,25,21,299 की धनराशि प्राप्त हुयी है।
  • प्रदेश में विभिन्न श्रम अधिनियमों के अन्तर्गत पंजीयन/नवीनीकरण एवं उपशमन आदि स्रोतों से  रू0 72,83,888 की धनराशि राजस्व के रूप में प्राप्त हुई है।

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Registration/Renewal under different Labour Laws Establishment/Registration under BOCW Act
Common Man’s Interface For  Welfare Schemes(External Website that opens in a new window)

Hit Counter 0000202022 Since: 22-12-2011

श्रम आयुक्त संगठन, उत्तराखण्ड की स्थापना वर्ष 2000 में हुई थी।

संवैधानिक, वैधानिक एवं अन्तर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के अभिसमयों (Convention) के अन्तर्गत प्रतिबद्धताओं के संदर्भ में विभाग के प्रमुख कार्यो एवं दायित्वों का विवरण निम्नांकित हैः-

  • केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा अधिनियमित विभिन्न श्रम कानूनों का प्रवर्तन सुनिश्चित करना। विशेष रूप से न्यूनतम वेतन एवं वेतन भुगतान, कर्मकार प्रतिकर भुगतान, समान कार्य केलिये महिला एवं पुरूष श्रमिकों को समान मजदूरी भुगतान, मातृका हितलाभ सुनिश्चित कराने के साथ-साथ कार्यस्थलों पर उनके यौन उत्पीड़न की शिकायतों के सम्बन्ध में औद्योगिक नियोजन (स्थाई आदेश) अधिनियम के अन्तर्गत आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करना,
  • श्रमिकों को ग्रेच्युटी भुगतान, बोनस भुगतान, अन्तर्राज्यिक एवं संविदा श्रमिकों के हितलाभ आदि तथा सामाजिक सुरक्षा के लाभ सुनिश्चित कराना।
  • बाल/बंधुवाश्रम प्रथा के उन्मूलन हेतु संबंधित कानूनों एवं माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करना।